नए संदेश
Friday
शाबाश रांची!
लगभग २२०० डेलिगेट का रजिस्ट्रेशन होने के बावजूद पंजीकरण काउंटर पर पुरा काम बड़े ही व्यवस्थित तरीके सो हो रहा था जो प्रायः नही होता।
भोजन की उत्तम व्यवस्था थी। शायद पहली बार ऐसा हुआ की भोजन कूपन का पूर्ण उपयोग हुआ हो। यह व्यवस्था हमेशा विफल ही होती है। लेकिन इस बार ये शत प्रतिशत सफल थी।
गेट पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था थी और किसी को भी पहचान पत्र दिखाए बगैर अंदर नही जाने दिया जा रहा था। लेकिन इक्का दुक्का केस को छोड़ दे तो कहीं पर कोई विवाद नज़र नही आ रहा था।
यातायात की उत्तम व्यवस्था थी। देर रात तक भी यातायात के साधन उपलब्ध थे।
व्यवस्था के मामले में रांची के युवा साथियों ने कोई कमी नही छोड़ी थी।
शाबाश रांची !
प्रमोद कु जैन
Thursday
रांची की भूमि पर
रांची की भूमि पर हम खड़े है
महाकुम्भ का आगाज़ हो चुका है
कुछ नए कुछ पुराने चेहरों को तलाशती नज़रे , खुछ नए कुछ पुराने चेहरों से मुलाकात ....
प्रत्यासियों के समर्थकों द्वारा किया जा रहा जनसंपर्क ....
जनसंपर्क के दौरान कुछ अच्छी कुछ कम अच्छी कुछ कही कुछ अनकही .....
कहाँ है आप सभी ....?
३५ - ४० घंटे की यात्रा की थकान के बाद भी इन्तजार है आप सबो का ....
उत्सुकुता नए नेत्रत्व की ।
साथ साथ महाकुम्भ के महाआनंद की....
Nischal Singhal
094510 78666
Wednesday
रांची! हम आ रहे हैं
Tuesday
"प्रगति, दिशा और लक्ष्य"

"प्रगति, दिशा और लक्ष्य" यह मूल मंत्र तय किया गया है, २६ दिसम्बर २००८ से आरम्भ होने वाले इस राष्ट्रीय अधिवेशन का। ब्लॉग के शुरुवात में मैंने यह लिखने की धृष्टता की थी - "कारवां २००८ में यह थीम सटीक और सामायिक है। पर सही थीम तय कर देने भर से अशिवेशन की सार्थकता तय नहीं हो जाती है। इसके लिए जरूरी है की नेतृत्व इस थीम पर कुछ कार्य करें। आशा करता हूँ की नेतृत्व जल्द ही अधिवेसन से अपनी अपेक्षाओं का खुलासा करेगा और थीम पर अपनी सोच भी सदस्यों के सामने रखेगा।"
मगर अफ़सोस यह है कि नेतृत्व की ओर से ऐसा कोई संवाद सदस्यों से नही किया गया है। संभवतः मैं उनकी ऊंची सोच को समझ नही पा रहा हूँ। शायद ऐसा सोचा जा रहा हो कि "प्रगति, दिशा और लक्ष्य" पर सही चिंतन dias ही कर पायेगा, या कि ऐसे किसी चिंतन में साधारण सदस्यों की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। प्रस्तावित कार्यक्रम सूचि का अवलोकन करने के बाद कम से कम मुझ जैसे साधारण सदस्य को यही लगा कि "प्रगति, दिशा और लक्ष्य" सिर्फ़ एक स्लोगान भर है और इसे थीम मान कर अपेक्षाएं नही पाली जानी चाहिए।
लेकिन मुझे राष्ट्रीय नेतृत्व पर पुरी आस्था है, और मैं अब भी आश्वस्त हूँ कि यह थीम सिर्फ़ शब्द मात्र नही रहेंगे, बल्कि वाकई में इस अधिवेशन में इस थीम पर चर्चा होगी। जहाँ अब तक की प्रगति पर करतल ध्वनि से मंच सेनानियों का अभिनन्दन होगा, वहीँ मंच की दिशा पर सामूहिक चिंतन होगा और लक्ष्य का पुनः निर्धारण किया जाएगा। आमीन। मैं जानता हूँ और मानता हूँ कि ब्लॉग में ग्यान बघारना बहुत आसान है, और कार्य संपादित करना बहुत मुश्किल। पर मैं यह भी मानता हूँ कि अपेक्षाएं समर्थ लोगो से ही रखी जाती है।
आशा की जा रही है कि कम से कम २५०० प्रतिनिधि इस महाकुम्भ में भाग लेंगें। उन सभी प्रतिनिधि भाई बहनों का हार्दिक अभिनन्दन। अभिनन्दन रांची शाखा के कर्मठ साथियों का जो दिन रात इस महाकुम्भ को सफल बनने में तन, मन और धन से जुटे हुवे हैं। अभिनन्दन मंच नेतृत्व का, जो इस अधिवेशन को यादगार बनने हेतु दिन रात जुटे हुवे है।
अजातशत्रु
Sunday
राष्ट्रीय अधिवेशन एक नजर
अब समय आ गया है
राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए उलटी गिनती शुरु हो चुकी है। अब शाखाओ को अपनी तय्यारियो को पूर्ण रूप दे देना चाहिये, राष्ट्रीय अधिवेशन में जो कार्य मुख्य प्रायतोंर पर शाखाओ को करना होता है, वेः है।
१। शाखा अपने प्रस्ताव को चेक कर लेवे कि वे प्रस्ताव जो प्रतिनिधि सभा के लिए भेजे गए है, वेह विषय निर्वाचन समिती को प्राप्त हो गए होगे।
२। शाखा अपने प्रतिनिधियों कि संख्या रांची ब्रांच को नोट करवाए।
३। शाका अपने बैनर बनवाना शुरु कर देवे
४। शाखा अपनी जाने की टिकट और वापस आने की टिकट के स्ततस चेक कर लेवे।
५। शाखा अपने प्रतिनिधियों के अग्रिम रजिस्ट्रेशन करवा लेवे, जिससे आयोजक शाखा को आने वाले प्रतिनिधियों कि संख्या को सही अनुमान हो
6.शाखा अधिवेशन के दौरान होने वाली राष्ट्रीय सभा और फिर सत्रों के लिए अभी से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करे ।
। शाखा अधिवेशन के दौरान होने वाली एकता यात्रा के लिए क्या तय्यारी कर रही है, यह सुनिषित करे ।
. खुले सत्र के लिए कौन सा प्रतिनिधि बोलेगा यह अभी से सुनिषित कर लेवे।
९। अधिवेशन के लिए एक मुख्य प्रतिनिधि का चयन करे।
१०। नारी स्वभ्लंबन सत्र के लिए महिला सदस्यो को प्रेरित करे। ११। फोटो प्रदर्शनी के लिए अपनी तय्यारिया पुरी कर लेवे। १२। शाखाओ के द्वारा दिए जाने वालें संस्कृति कार्यक्रम की तय्यारिया पूर्ण कर लेवे। अधिवेशन की विषय सूचि को देखे, और अपनी तय्यारिया पूर्ण करे।
उपरोक्त सिर्फ़ सुझाव है.
रवि अजितसरिया,
गुवाहाटी
Wednesday
अब समय आ गया है
१। शाखा अपने प्रस्ताव को चेक कर लेवे कि वे प्रस्ताव जो प्रतिनिधि सभा के लिए भेजे गए है, वेह विषय निर्वाचन समिती को प्राप्त हो गए होगे।
२। शाखा अपने प्रतिनिधियों कि संख्या रांची ब्रांच को नोट करवाए।
३। शाका अपने बैनर बनवाना शुरु कर देवे।
४। शाखा अपनी जाने की टिकट और वापस आने की टिकट के स्ततस चेक कर लेवे।
५। शाखा अपने प्रतिनिधियों के अग्रिम रजिस्ट्रेशन करवा लेवे, जिससे आयोजक शाखा को आने वाले प्रतिनिधियों कि संख्या को सही अनुमान हो सके।
६। शाखा अधिवेशन के दौरान होने वाली राष्ट्रीय सभा और फिर सत्रों के लिए अभी से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करे।
७। शाखा अधिवेशन के दौरान होने वाली एकता यात्रा के लिए क्या तय्यारी कर रही है, यह सुनिषित कर लेवे।
८। खुले सत्र के लिए कौन सा प्रतिनिधि बोलेगा यह अभी से सुनिषित कर लेवे।
९। अधिवेशन के लिए एक मुख्य प्रतिनिधि का चयन करे।
१०। नारी स्वभ्लंबन सत्र के लिए महिला सदस्यो को प्रेरित करे।
११। फोटो प्रदर्शनी के लिए अपनी तय्यारिया पुरी कर लेवे।
१२। शाखाओ के द्वारा दिए जाने वालें संस्कृति कार्यक्रम की तय्यारिया पूर्ण कर लेवे।
अधिवेशन की विषय सूचि को देखे, और अपनी तय्यारिया पूर्ण करे।
रवि अजितसरिया,
गुवाहाटी
Saturday
राष्ट्रीय अधिवेशनों की जरुरत क्यो ?
रवि अजितसरिया
गुवाहाटी
Monday
अधिवेशन में पारित होने वाले प्रस्ताव
हम चर्चा को आगे बढाते हुए आज अधिवेशन के बारे में बात करेंगे। इसमें आगे कुछ सवाल दिए जाएंगे, साथियों से अपेक्षा है कि वे अपने विचार उत्तर की शैली में पेश करेंगे। सभी पाठकों को इसमें लिखने के लिए आमंत्रित करने के लिहाज से शायद यह प्रस्ताव बुरा नहीं लगना चाहिए।
1. अधिवेशन में कौन से प्रस्ताव पारित करवाए जाने वाले हैं। क्या उनकी रूपरेखा बन चुकी है? उन्हें इंटरनेट पर व्यापक प्रचार देना एक अच्छा सुझाव हो सकता है। क्या प्रस्तावों का इंटरनेट, मंच की पत्रिका आदि माध्यमों से अग्रिम प्रचार होना चाहिए?
2. अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर आने के इच्छुक उम्मीदवार क्या यह बताएंगे कि उनकी मंच को लेकर भविष्य की क्या योजनाएँ हैं?
3. क्या अधिवेशन में बिल्कुल छोटे बच्चों को सभास्थल के अंदर लाने की अनुमति होनी चाहिए? (विगत अनुभव बताते हैं कि इससे विचार-विमर्श में विघ्न पड़ता है)
4. क्या इस अधिवेशन में कोई विजन डाक्यूमेंट बनना चाहिए जिसमें आगामी 25 सालों का रोडमेप दिया गया हो?
5. मंच में कितनी समाज सेवा और कितना समाज सुधार और कितनी राजनीति (और वह किस रूप में) और कितनी संस्कृति सेवा - क्या इस पर कोई चर्चा होनी चाहिए?
6. मंच में अनुशासन संबंधी मामले देखने के लिए क्या कोई स्थायी समिति होनी चाहिए?
7. मंच को प्रताड़ना के मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर पर क्या सशक्त समितियां बनानी चाहिए? क्या मंच को पंचाट का काम करना चाहिए?
इन सवालों के अलावा साथीगण जाब को लेकर एक ब्लाग शुरू करने के बारे में भी अपने सुझाव दें ताकि इस काम को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।
विनोद रिंगानिया








