अधिवेशन हेतु शाखाओं से प्रस्ताव आमंत्रित कर लिए गएँ हैं। आशा की जानी चाहिए कि शाखाएं गंभीरतापूर्वक चिंतन कर स्तरीय प्रस्ताव बिषय निर्वाचनी समिती को समयानुसार भेजेगी। आशा यह भी की जा सकती है कि इस बार कुछ नये और सामयीक प्रस्ताव सामने आयेंगें।यह एक प्रस्ताव की रूप रेखा मेरे सामने भी आयी है, और मुझे लगता है कि व्यक्तिगत स्तर पर मुझे इस प्रस्ताव को सही मानना चाहिए। प्रस्ताव की रूप-रेखा यूँ है:-
मारवाडी समाज हमेशा से दानवीर समाज रहा है। देश के ज्यादातर शहरों, नगरों और कस्बों में हमारे समाज कि दानशीलता की निशानियाँ देखने को मिलती हैं। स्थायी और अस्थायी, सभी तरह के जन-सेवा कार्यो में यह समाज अग्रणी रहता आया है। लेकिन अफ़सोस यह है कि इस समाज द्वारा की गयी जन-सेवा का लेखा जोखा कभी नहीं बन पाया। आज जब कि नेताओं के आँखों में उंगली डाल कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का जमाना है, हमें कम से कम अपने समाज के योगदान का लेखा - जोखा तो समय समय पर राज नेताओं के समक्ष रखने की तैयारी तो रखनी चाहिए। मंच यदि अपना infrastructure और internet का सही व्यवहार करे तो यह कार्य मुश्किल भले ही हो असंभव नहीं है।
ओमप्रकाश












